रविवार, 23 अगस्त 2009

'' तुलसी जयन्ती 2009 ''


'तुलसी जयन्ती 2009
अजुध्या
[२९-जुलाई -२००९ ]
[अयोध्या ,फईजाबाद ]
~~~~~~~~~ राम जी कै नगरी अजुध्या मा "अयोध्या शोध संस्थान '' अउर ''अखिल भारतीय अवधी संस्थान लखनऊ '' कै दवारा '' गोस्वामी तुलसी दास '' जी कै इस्मिरिती दिवस धूम-धाम से '' तुलसी स्मारक भवन अयोध्या '' मा ''सांस्कृतिक विभाग उत्तर-प्रदेश शासन '' के सहयोग से मिल कै मनावा गै |
जेहमा अवधी कै आठ कबियन अउर रचनाकारन का ''तुलसी स्मृति सम्मान चिन्ह '' दिहा गयै |समारौह कै अधक्छता '' अखिल भारतीय अवधी संस्थान लखनऊ '' के अधक्छ ''सिरी जगदीश पियूष '' अउर सगरे कारकरम कै सन्चालन '' सिरी सरवेश अस्थाना (लखनऊ ) ''के दवारा किहिन गै |
एहमा मान पावे वाले अवधी कै कबियन मा ''सरव सिरी रफीक सदानी (फईज़ाबाद ),सिरी यातिंदर मिसिर (अजुध्या ),सिरी ज़ाहिल सुल्तानपुरी , सिरी कुवँर आलोक (सीतापुर ) , सिरी फारूक़ सरल (लखीमपुर ), सिरी राम किशोर तिवारी (बाराबंकी ), सिरी असोक अग्यानी (रायबरेली ), सिरी आदित्य द्विवेदी (लखन ) रहिन ;
'' इन सभै का पटका ,परसस्ति-पतर अउर इस्मिरित-चीन्हा [ ट्राफी ] दैके समानित किया गयै |''
समारौ मा मुख-अतिथी '' डा. सम्पूर्णानंद  संस्कृत विश्वविद्यालय '' कै पूर्ब 'कुलपति ' डा राज देव मिसिर रहिन |डा साहेब अवधी बोली कै बखान मा हियाँ ले कह डालिन कि अगर आज भारती संसकिरिति के अस्मिता कायम बा तो उह 'अवधी अउर भोजपुरियै कै वज़ह से बची बाटे | तुलसी जी कै 'राम चरित मानस ' केवल अवधी केर धारमिक गिरन्थै बाटे तो '' रास्टरीय- गिरन्थ '' आए |


एकरा बाद मा अवधी कबी समेलन भवा , जेह के सुरुआत परसिध कबी सिरी ' दया नन्द सिंह 'मृदुल ' (फईज़ाबाद) सुरसती माई के बन्दना '' बीना-पानि तोहरी करित हम बन्दना '' से किहिन अउर ओके बाद मा बदरा कै मनुहार करत आपन रचना 'आइकै बरसि जा बदरिया ' सुनाइन |
तब रफीक़ सादानी ' जब से आवा ईलू ईलू ,तुलसी कै चौपाई गय ' सुना कै दरसक स्रोताउन का खूब व्यंग बताइन | कबी दरबार मा सिरी अनिल सिंह बौझड़ , सिरी विनोद मिसिर , सिरी जमुना परसाद उपधिया , सिरी तारा चन्द तनहा , सिरी अशोक टाटम्बरी अउर सिरीमती राधा पांडे आपन - आपन रचना सुनाये कै खूब ववाही लूटिन |

सगरे समारौ के खासियत रही कि पूर कै पूर कारकरम महज अवधीये मा रहा चाहे सन्चालन रहा होय चाहे मुख-अतिथी कै भासन या समापन भासन रहा होय
आख़िर मा कारकरम कै समापन ''निदेशक अयोध्या शोध संस्थान '' सिरी डा वाई पी सिंह आपन धन्यबाद भासन से किहिन |

रिपोर्टिंग आलेख : श्री दयानन्द सिंह 'मृदुल'
मोबाईल - 09452650581
[ सम्पादन : समर जीत सिंह ' रतन ']
मोबाइल -09026382831 / 09208494625
रफ़ीक भाई  के मज़ा  आपौ लूटा                                                                                                                     
 







Comments :

6 टिप्पणियाँ to “'' तुलसी जयन्ती 2009 ''”

RAJ SINH ने कहा…
on 

aayojan aur vivaran bade samarjeet bhaiyya ka bahut aabhar.

asuvidha ke chalte naagree ma naheen likhi pavat ahee , chama milayi .

avadh pravas se judaav bahutayi aanand ahayi.

alka sarwat ने कहा…
on 

अवधी भाषा की मिठास का तो जवाब नहीं ,हमारे देश में हर ५ कोस पर तो भाषा बदल जाती है ,हर क्षेत्रीय भाषा में ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए ,ताकि भाषायें जिंदा रहे और ब्लॉग पर इनकी रिपोर्टिंग तो श्रेष्ठ कदम है क्योंकि उस भाषा से देश-विदेश के लोग परिचित होंगे

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा…
on 

चलौ भइया पढिकै बड़ा नीक लाग . कम-से-कम अपनी भाखा मा कुछ हलचल तौ चलति अहै . सिलसिला बनाये राखै का अहै .

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…
on 

आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आने का मौका मिला, देख कर अच्छा लगा। इसलिए नहीं कि मैं भी अवध का रहने वाला हूं, बल्कि इसलिए भी कि आपने बहुत सलीके से चीजों का सहेज रखा है। बधाई स्वीकारें।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा…
on 

आपकै कमेन्ट से हमका बड़ी ताकत मिली अब आगे लिखै कै
जोस और बढ़ गा अहै . आप असमर्थता के बावजूद हमार ब्लॉग पढ़ा गा
यहिसे बड़ा और कौन 'कमेन्ट' होये हमरे ताइं . हमार कोसिस ई है कि
अवधी मा एक बार फिर से गंभीर लेखन कै सुरुआत हुवे , अपने अस्तर पै
हम जूझत रहब लेकिन हम चाहित है कि और लोगन का यहि दिसा मा
आप प्रोत्साहित कीन जाय ..
... पायलागी ..
नए साल कै बधाई ..

Suman ने कहा…
on 

nice

 

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